Islam के खिलाफ बोलना महंगा पड़ा मिली 10 साल की सजा।

Islam(Islam) इस्लाम के खिलाफ बोलना महंगा पड़ा मिली 10 साल की सजा।

मलेशिया में एक युवक को 10 साल की सजा सुनाई गई सोशल मीडिया में (Islam) इस्लाम और इस्लाम के पैगंबर के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सजा दी गई।

मलेशिया के एक शक्स ने सोशल मीडिया पर (Islam) इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की जिसके बाद उसे 10 साल की सजा सुनाई गई है उस शक्स पर या आरोप है कि उसने फेसबुक पर इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद (SAW) का अपमान किया है।

मलेशिया के न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक आरोपियों को कुआलालम्पुर कोर्ट ने सजा सुनाई है रॉयल मलेशिया पुलिस ने (Islam) इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद (SAW) के अपमान करने के आरोप में तीन अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जो के सोशल मीडिया यूजर हैं तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक कहा गया है कि 52 वर्ष के एक शक्स को (Islam) इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद (SAW) के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोप में 2 दिन की सजा सुनाई गई है और इसी तरह एक शख्स को ट्यूटर पर और फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी उन्हें 5 अप्रैल को अदालत की तारीख तक हिरासत में रखा जाएगा जिसमें उन्हें जमानत नहीं दी जाएगी।

आपको बता दें कि 3 लोगों को इस मामले में हिरासत में लिया गया है और उन पर मामला दर्ज किया गया है इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर। इस मामले में इंस्पेक्टर जनरल तान मोहम्मद हारून ने बताया कि कई कई कानूनों का उल्लंघन करने के तहत इन पर मामला दर्ज किया गया है उन्होंने एक बयान में कहा कि पुलिस के पास इस मामले को लेकर पूरे देश से लगभग एक हजार के आसपास रिपोर्ट दर्ज कराए गए और इस्लाम के अपमान से जुड़े 16 मामले की जांच की जा रही है।

आपको बता दें कि कई ऐसे इस्लामी देश है जहां यह कानून बनाया गया है कि इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद (SAW) के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को सीधा मौत की सजा दी जाती है वह भी फ़ौरन अगर जुर्म फौरन साबित हो जाता है तो उसे उसी वक्त मौत की सजा दे दी जाती है।

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